मसक कली मौसी-1
मैं प्रताप के सीने से लग गई ! पता नहीं क्या हुआ मुझे …! प्रताप ने मेरे आंसू पौंछे … कहा- रात को आना ! मैं तुम्हें पचास हज़ार दूंगा और सुबह पापा को दे देना …. पर उस काली रात को मैं रंगे हाथों मुखियाजी से पकड़ी गई … मुखिया जी के लोग ने … Read more